सूरजपुर। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज सरगुजा हिमांशु गुप्ता के द्वारा अभियान चलाकर मादक पदार्थ पर कार्यवाही कराने के निर्देश दिये गये थे। इसी तारतम्य में पुलिस अधीक्षक सूरजपुर आर.पी.साय के द्वारा सभी थाना चौकी प्रभारियों को नशीले पदार्थ पर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एस.आर.भगत व सीएसपी डी.के.सिंह के नेतृत्व में लगातार अभियान चलाकर कार्यवाही करने हेतु थाना प्रभारियों एवं क्राईम ब्रांच प्रभारी को आदेशित किया गया था। इसी दौरान मुखबीर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति झारसुगड़ा उड़ीसा से एक मोटर सायकल बिना नंबर वाहन से चितकबरे रंग के पिठू बैग में गांजा भरकर ले जा रहा है कि सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को बताया गया। जिस पर एसपी श्री साय ने थाना जयनगर एवं क्राईम ब्रांच की टीम को घेराबंदी कर पकड़ने हेतु निर्देशित किया गया जो दोनों टीमों के द्वारा मुखबीर के बताये हुलिया अनुसार तलाश की जा रही थी जो सिलफिली जंगल के पास पार्वतीपुर हनुमान मंदिर के पास उक्त हुलिया का एक आदमी दिखा जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया जिसके कब्जे से अवैध मादक पदार्थ गांजा 05 किलो कीमती करीब 30 हजार रू. का मिला। पूछताछ पर वह व्यक्ति अपना नाम भुवनेश्वर यादव पिता विद्याधर यादव उम्र 25 वर्ष साकिन पीठामा, चौकी कोतबा, थाना बागबहार, जिला जशपुर का रहने वाला बताया। पकड़े गये उक्त आरोपी के विरूद्ध थाना जयनगर में अपराध क्रमांक 202/16 धारा 20बी एनडीपीएस एक्ट के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई तथा परिवहन में उपयोग की गई मोटर सायकल को भी जप्त किया गया। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी जयनगर तेजनाथ सिंह, क्राईम ब्रांच प्रभारी सी.पी.तिवारी, एएसआई सरफराज फिरदौसी, प्रधान आरक्षक बिसुनदेव पैकरा, विशाल मिश्रा, आरक्षक महेन्द्र प्रताप सिंह, महिपाल सिंह, ललन सिंह, सीताराम पैकरा, चन्द्रप्रकाश पाल, राजेश नायक, युवराज सिंह, शत्रुधन सिंह, विजय राजवाड़े व अन्य स्टाफ सक्रिय रहे।
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बुधवार, 26 अक्टूबर 2016
'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।