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सोमवार, 6 दिसंबर 2021

सूरजपुर पुलिस लाईन में महिला कर्मचारियों के लिए रिफ्रेसर प्रशिक्षण का हुआ आयोजन




  • कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आमजनता के सुरक्षा व समस्याओं का निराकरण हमारी नैतिक जिम्मेदारी-पुलिस अधीक्षक
  • महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला बीट प्रभारी एवं जल्द टीम रक्षक होगी गठित

सूरजपुर। जिले की पुलिस महिला कर्मचारियों को कानून, घरेलू हिंसा, कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आमजनता की सुरक्षा करने के साथ ही उनकी समस्याओं के निराकरण एवं सौंपे गए कार्यो को संबंध प्रबंधन के साथ पूर्ण करने पुलिस लाईन सूरजपुर में महिला कर्मचारियों का 01 दिवसीय रिफ्रेसर/क्रैश प्रशिक्षण का आयोजन सोमवार को किया गया। इस प्रशिक्षण में पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता ने कहा कि हमें कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आमजनता के सुरक्षा के साथ ही उनकी समस्याओं का समाधान करना होता है, जिसके लिए बुनियादी जानकारी बेहद जरूरी है। क्राईम अगेंस वुमेन, सामाजिक बुराईयों के बारे में अवगत कराते हुए इसे रोकने जरूरी निर्देश दिए। कार्यो के प्रति सजग रहते हुए सदैव अच्छे कार्यो को करें इससे खुद की पहचान बनती है। महिला कर्मचारियों को सेवा के साथ ही फिटनेश पर ध्यान देने, कानून की अच्छी जानकारी रखने एवं थानों में महिला हेल्प डेस्क का बेहतर क्रियान्वयन करने कई महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला बीट प्रभारी एवं बहुत जल्द टीम रक्षक गठित करने की जानकारी दी। प्रशिक्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, एएसपी मुख्यालय पी.एस.महिलाने एवं एसडीओपी सूरजपुर गीता वाधवानी ने लॉ एंड आर्डर, पुलिस मैन्यूल, वीआईपी ड्यूटी के दौरान बरते जाने वाली सावधानियों एवं महिला संबंधी अपराधों की जानकारी दी। विषम परिस्थितियों में कम से कम समय में घटनास्थल पर पहुंचना और हंगामा कर रहे लोगों को नियंत्रित करने का तरीका भी बताया गया। इस दौरान रक्षित निरीक्षक भूपेन्द्र कुर्रे, थाना प्रभारी सूरजपुर दीपक पासवान, स्थापना प्रभारी अखिलेश सिंह, सहित थाना-चौकी व रक्षित केन्द्र में पदस्थ महिला कर्मचारी मौजूद रहे। 

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।