सूरजपुर। डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले 5 आरोपियों को रामानुजनगर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध होने के 7 घंटे के भीतर हथियार के साथ धरदबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नगदी रकम, 1 देशी कट्टा, 1 जिंदा कारतूस व घटना में इस्तेमाल की गई 2 मोटर सायकल जप्त किया है। दिनांक 14.02.2023 को ग्राम नावापारा खुर्द निवासी आमीम खान ने थाना रामानुजनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि 10 फरवरी के रात्रि में अपने मोटर सायकल से ग्राम मंहगई निवासी एक व्यक्ति से मक्का बिक्री का पैसा 10 हजार रूपये लेकर वापस जा रहा था जैसे नावापारा खुर्द मेन रोड़ बरमसिया आमा के पास पहुंचा तभी ग्राम मंहगई के छवि तिवारी, विवेक यादव, विरेन्द्र रवि, आकाश रवि व तुलसी दो मोटर सायकल से वहां पहुंचे और रास्ता रोककर देशी कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए 10 हजार रूपये को लूट कर ले गए। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 23/23 धारा 395, 397 भादसं. व 25, 27 आम्र्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज श्री रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के सतत मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसडीओपी प्रेमनगर प्रकाश सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर लगाया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित जगहों पर दबिश देते रही इसी बीच मुखबीर की सूचना पर ग्राम मंहगई में घेराबंदी कर आरोपी छवि तिवारी पिता कोमल तिवारी उम्र 27 वर्ष, विवेक यादव पिता हरिबिलास यादव उम्र 27 वर्ष, विरेन्द्र रवि पिता स्व. मिठ्ठू राम रवि उम्र 27 वर्ष, आकाश रवि पिता मोतीलाल रवि उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम मंहगई एवं तुलसी सिंह पिता स्व. मनोहर सिंह उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम नावापारा, थाना रामानुजनगर को पकड़ा गया। पूछताछ पर आरोपियों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया जिनके निशानदेही पर 5 हजार 7 सौ रूपये नगद, 1 नग देशी कट्टा, 1 नग जिंदा कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई 2 नग मोटर सायकल जप्त कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी रामानुजनगर विपिन लकड़ा, एएसआई बिसुनदेव पैंकरा, प्रधान आरक्षक जयप्रकाश कुजूर, फिरोज खान, आरक्षक दीपक यादव, गणेश सिंह, रूपदेव सिंह, समरलाल, सैनिक पंकज पटेल, बाबुलाल साहू, देवचंद पाण्डेय, रजनीश पटेल व मानसाय सक्रिय रहे।
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'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।