सोमवार, 5 सितंबर 2022

रात में अचानक निकले पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू, थानों का किया आकस्मिक निरीक्षण

  • अधिकतर पुलिस कर्मी मिले मौजूद, लापरवाह जवानों को किया जायेगा दण्डित
  • रात्रि गश्त में लापरवाही बरती गई, तो सीधे तौर पर थाना प्रभारी होंगे जिम्मेवार
  • पुलिस का चेक रोल कॉल बजने के बाद फौरन थाना पहुंचे पुलिस जवान

सूरजपुर। रविवार की देर रात पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू अचानक शहर में निकले। शहरी सुरक्षा व्यवस्था का हाल जाना। उनके द्वारा रात्रि में थाना सूरजपुर, अजाक, विश्रामपुर एवं पुलिस लाईन का आकस्मिक निरीक्षण कर रात्रि गश्त का ब्यौरा लिया। आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारी व जवानों को सजगता के साथ रात्रि गश्त करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारियों को कड़े स्वर में कहा कि रात्रि के समय विपरीत परिस्थिति अथवा घटना-दुर्घटना होने पर रिस्पांश टाईम में पुलिस मौके पर पहुंचे यह सुनिश्चित किया जाए।
            इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि रात के समय में आने वाले पीड़ितों की हरसंभव मदद करें, उन्होंने रात्रि गश्त पर विशेष जोर दिया। महिलाओं, बच्चों, वृद्धजन एवं समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनकी शिकायतों पर तत्काल विधि संगत कार्रवाई करते हुए उन्हें राहत दिए जाने, इस व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने कहा। पुलिस थानों में किसी भी शिकायत अथवा घटना की जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी के साथ किए जाए। औचक निरीक्षण करने निकले पुलिस अधीक्षक द्धारा कहीं भी रात्रि गश्त में कोई कमी नहीं पाई और जवानों को रात्रि गश्त पूर्ण निष्ठा व सजगता से करने हेतु उनका मनोबल बढ़ाया।

रात्रि गश्त में लापरवाही बरती गई, तो सीधे तौर पर थाना प्रभारी होंगे जिम्मेवार

सभी थाना-चौकी प्रभारियों को राउंड द क्लॉक रात्रि गश्त करने, रात में अधिकारी व जवानों को ड्यूटी पर लगाने की जवाबदेही थाना प्रभारी की है। रात्रि गश्त में लापरवाही हुई, तो सीधे तौर पर थाना-चौकी प्रभारी जिम्मेवार होंगे। पुलिस अधीक्षक ने रात्रि में आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए लगातार रात्रि गश्त तेज करने का निर्देश दिया।

पुलिस का चेक रोल कॉल बजने के बाद फौरन थाना पहुंचे पुलिस जवान

पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की सजगता को परखने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रविवार की रात्रि में जिले के थाना-चौकी व पुलिस लाईन में चेक रोल कॉल किया गया। चेक रोल कॉल बजने के बाद थाना एवं थाना परिसर के आसपास रहने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सजगता के साथ तत्परतापूर्वक फौरन थाने पहुंचे, जिन जवानों ने लापरवाही बरती है उन्हें दंडित किया जायेगा।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।