सोमवार, 22 अगस्त 2022

सूरजपुर पुलिस ने गुम हुए 70 मोबाईल कीमत करीब 10 लाख रूपए के बरामद कर मोबाइल मालिकों को वितरण किया






सूरजपुर। जिले से गुम हुए मोबाइलों को खोजने के लिए सूरजपुर पुलिस की ओर से विशेष अभियान चलाया गया। सोमवार 22 अगस्त 2022 को बरामद हुए 70 मोबाइलों को संबंधित व्यक्तियों को सौंपे गए। यह मोबाइल सर्विलांस में लगाकर ट्रेस किए गए थे। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री रामकृष्ण साहू के निर्देशन में गुम हुए मोबाइल को खोजने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। जिसमें साइबर सेल को आवश्यक निर्देश दिए गए कि जो मोबाइल गुम होने संबंधी आवेदन प्राप्त हुए उनका तुरंत ही निराकरण किया जाए। जिस पर सर्विलांस में लगाकर गुम मोबाईल को ट्रेस किए गए। मोबाइल बरामद होने पर आवेदकों को उनके मोबाईल सुपुर्द किए गए।

करीब 10 लाख रुपए की कीमत के 70 मोबाइल सुपुर्द किए

जिनमें आवेदक प्रकाश यादव, नेहा मिंज, कृष्णा राजवाड़े, रनमेत सिंह, अर्जुन सिंह, संजय पाल, देवसरन राजवाड़े, अजीत गुप्ता, धर्मजीत सिंह, काजल, इंद्रावती सिरदार, सुरेन्द्र सिंह, चंद्रिका प्रसाद राजवाड़े, आजाद, विजय, मनोज, हृदय, प्रीति साहू, रूपेश सिंह, सुरेश हलदर, जय प्रकाश विश्वकर्मा को उनके गुम हुए मोबाईल दी गई। इसके अलावा 49 अन्य लोग जो जिले के विभिन्न क्षेत्र के निवासी है उन्हें संबंधित थाना-चौकी के माध्यम से मोबाईल को सौंपा जाएगा। मोबाइल खोजने में साइबर सेल प्रभारी नीलाम्बर मिश्रा, आरक्षक युवराज सिंह, रौशन सिंह, विनोद सारथी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस कार्यवाही पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने टीम को नगद ईनाम देने की घोषणा की है। इस दौरान एसडीओपी प्रेमनगर प्रकाश सोनी, डीएसपी मुख्यालय नंदिनी ठाकुर, स्टेनो अखिलेश सिंह मौजूद रहे।

लगातार जारी रहेगा अभियान

पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू ने बताया कि जिले की पुलिस के द्वारा गुम हुए मोबाईल खोजने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि गुम मोबाईल खोजबीन के लिए गुम हुए मोबाईल की ऑनलाईन/आफलाईन माध्यम से सूचना प्राप्त होने के फौरन बाद बरामद की कार्यवाही प्रारंभ कर दी जायेगी और गुम मोबाईल रिक्वहर होने पर मोबाईल जिसका है उसे वापस किया जाएगा।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।