रविवार, 19 अप्रैल 2020

पुलिस अधीक्षक ने जवानों के लिए पुलिस लाईन में प्रारंभ करवाई मेस......


सूरजपुर: वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बीच जिले के पुलिस कर्मी मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे है ऐसे में उन्हें बेहतर और सेहतमंद खाना की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री राजेश कुकरेजा ने पुलिस के अधिकारी व जवानों के लिए पुलिस लाईन में मेस प्रारंभ करवाई है। रक्षित निरीक्षक भूपेन्द्र कुर्रे के देखरेख में पुलिस लाईन में जवानों के लिए सेहतमंद खाने की व्यवस्था हेतु मेस का संचालन मंगलवार 14 अप्रैल 2020 से प्रारंभ किया गया है। मेस में पहले दिन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, एएसपी मुख्यालय पी.एस.महिलाने, अपर कलेक्टर एम.एस.मोटवानी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग के तहत भोजन ग्रहण किया और मेस संचालन के बारे में आवश्यक निर्देश दिए।

          पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बीच हमारे पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी दिन-रात विभिन्न स्थानों पर संवेदनशीलता के साथ मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे है कई पुलिस कर्मी अपने घरों से दूर रहकर कर्तव्य का निष्पादन कर रहे है इन परिस्थितियों में इन्हें सेहतमंद भोजन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पुलिस लाईन में अधिकारी-कर्मचारियों के लिए मैस प्रारंभ किया गया है। इस मेस में अधिकारी व पुलिस जवान के लिए संयुक्त रूप से खाने की व्यवस्था है इसके अलावा जवान यदि ड्यूटी स्थल पर भोजन ले जाना चाहते है तो उन्हें टिफिन भी तैयार कर दी जा रही है। पुलिस लाईन के सामुदायिक भवन, बैरकों में काफी संख्या में पुलिस के अधिकारी-कर्मचारीगण निवासरत् है उन्हें तथा आसपास क्षेत्र में तैनात जवानों को इस मेस से काफी लाभ होगा और वे आसानी व अपनी सुविधा के अनुसार भोजन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारियों को उनके अधिनस्थ कार्यरत् जवानों के लिए भोजन की व्यवस्था करने हेतु कहा गया था कई थाना प्रभारी के द्वारा अधिनस्थ जवानों को इस प्रकार की व्यवस्था कराई है। उन्होंने बताया कि हमारे जवान अंतर्राज्जीय व अंतर जिला की सीमा सहित विभिन्न चौक-चौराहों, बैरियर, फिक्स पिकेट एवं पेट्रोलिंग ड्यूटी संवेदनशीलता से कर रहे है, ऐसे में उन जवानों को 2 टाईम चाय-बिस्किट तथा गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए ऊर्जावर्धक ग्लूकोज दी जा रही है।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।