सोमवार, 18 नवंबर 2024

एसएसपी सूरजपुर के निर्देश पर पुलिस की सख्त वाहन चेकिंग अभियान, शराब पीकर व यातायात नियमों की उल्लघंन करने वालों की अब खैर नहीं, 150 वाहन चालकों के विरूद्व हुई एमव्ही एक्ट की कार्यवाही, 63400 रूपये वसूल की गई समन शुल्क।

 

सूरजपुर। शराब पीकर वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लघन करने वालों की अब खैर नहीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने थाना-चौकी प्रभारियों को सड़क दुर्घटना न हो इसे ध्यान में रखते हुए शराब पीकर वाहन चलाने तथा यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों के विरूद्ध सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। जिसके बाद से ही पुलिस की सख्ती देखी जा रही है और पुलिस अलग-अलग समय में योजनाबद्ध तरीके से वाहन चेकिंग का अभियान चला रही है।
                  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो के मार्गदर्शन में थाना-चौकी की पुलिस के द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ इस अभियान में रविवार, 10 नवम्बर 2024 को 2000 लोगों का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस ने छोटे-बड़े सभी वाहनों को रोकवाकर वाहन चालक शराब का सेवन किए है या नहीं उसकी जांच ब्रेथ एनालाइजर से किया, हालाकि कोई भी वाहन चालक शराब के नशे में नहीं पाया गया। इस चेकिंग अभियान में 150 वाहन चालक जो बिना हेलमेट, बिना लायसेंस, बिना सीटबेल्ड, दो पहिया वाहन में तीन सवारी व बिना दस्तावेज एवं यातायात नियमों का उल्लघंन करने पर उनके विरूद्व मोटर व्हीकल एक्ट के तहत् कार्यवाही कर 63400 रूपये का समन शूल्क अर्जित कर शासन के कोष में जमा किया है। इस दौरान पुलिस के अधिकारियों ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की समझाईश भी दिया। चेकिंग के दौरान संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की भी चेकिंग की गई।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।