सूरजपुर। दिनांक 03.03.2022 को बाबापारा निवासी जीवधन जायसवाल ने थाना प्रतापपुर में सूचना दिया कि ग्राम सरहरी निवासी 55 वर्षीय सुखमनिया पति स्व. रामसूरत का शव संदिग्ध अवस्था में उसके घर के पलंग में पड़ा हुआ है सूचना पर शव पंचनामा बाद मर्ग कायम किया गया। मर्ग जांच के दौरान डॉक्टर के द्वारा पीएम रिपोर्ट में मृतिका की मृत्यु का कारण हत्यात्मक होना लेख किए जाने पर अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध अपराध क्रमांक 49/22 धारा 302 भादवि का मामला पंजीबद्ध किया गया। मामले की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री राजेश अग्रवाल ने थाना प्रभारी को घटना से जुड़े सभी बिन्दुओं पर बारीकी से जांच करते हुए अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर व एसडीओपी प्रतापपुर अमोलक सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रतापपुर की पुलिस अज्ञात आरोपी की पतासाजी में लगी हुई थी इसी बीच जानकारी मिली कि मृतिका का लड़का राजेश बछोर को घटना से पूर्व सुखमनिया के साथ देखा गया था तथा च्वाईस सेंटर के पास पैसे की बात पर झगड़ा करने की जानकारी मिली जिसके बाद संदेही राजेश को पकड़ा गया जिससे पूछताछ करने पर उसने हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि माँ से पैसा मांगने पर नहीं देने की बात पर गुस्सा होकर अपनी माँ को हाथ मुक्का से मारपीट करते हुए पलंग में पटक कर चेहरा को बिस्तर में दबा कर श्वास अवरूद्ध करते हुए हत्या कर दिया। मामले में आरोपी राजेश बंछोर पिता स्व. रामसूरत बंछोर उम्र 26 वर्ष निवासी अमनदोन को विधिवत् गिरफ्तार किया गया है। इस कार्यवाही में एसआई नवल किशोर दुबे, एएसआई बजरंगी लाल चौहान, प्रधान आरक्षक भागवत एक्का, रामाधीन श्यामले, आरक्षक अभय तिवारी, अवधेश कुशवाहा, कौशलेन्द्र सिंह व निरंजन एक्का सक्रिय रहे।
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'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।