रविवार, 10 नवंबर 2024

अंधे कत्ल की गुत्थी को थाना जयनगर पुलिस ने किया 24 घंटे के भीतर खुलासा। जुआ खेलने के लिए पैसों के लालच में आरोपी ने किया अपने रिश्ते के जीजा की हत्या।

 

सूरजपुर। दिनांक 01.11.24 को ग्राम रविन्द्रनगर निवासी प्रार्थी सजीत सोम ने थाना जयनगर में सूचना दिया कि इसके बुआ का लड़का गौतम दास पिता गोविन्द दास उम्र 40 वर्ष का दिमागी हालत ठीक नहीं है तथा अपने घर में अकेला रहता था, दिनांक 31.10.24 के दरम्यिानी रात किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या कर दिया गया है। सूचना पर मर्ग कायम किया गया।
           मामले की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने थाना प्रभारी, एफएसएल व डॉग स्क्वार्ड की टीम को मौके पर जाकर बारीकी से साक्ष्य संकलन करने, सभी पहलुओं पर जांच करने और अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो व एसडीओपी सूरजपुर नंदिनी ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना जयनगर की पुलिस मौके पर पहुंची और शव पंचनामा के बाद शव को पीएम के लिए भेजा। डॉक्टर के द्वारा शार्ट पीएम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु हत्यात्मक प्रकृति का लेख किए जाने पर अपराध क्रमांक 227/24 धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
            मामले की विवेचना के थाना जयनगर पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदेही मुकेश राजवंशी पिता निखिल राजवंशी उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम रविन्द्रनगर, हालमुकाम ग्राम संजयनगर को दबिश देकर पकड़ा। पूछताछ पर घटना दिनांक 31/10/24 दीपावली के दरम्यानी रात जुआ खेलने से पैसा हार जाने के बाद और जुआ खेलने हेतु पैसा मांगना एवं गौतम दास के द्वारा पैसा देने से मना करने, झगड़ा-विवाद करने पर लोहे के टांगी एवं वाइपर के वाईपर से हत्त्या के उद्देश्य से प्रहाकर कर बिस्तर के नीचे पोटली में रखे 1500 रूपये लेकर भाग जाना बताया है। आरोपी के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आलाजरब जप्त कर आरोपी मुकेश राजवंशी को गिरफ्तार किया है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी जयनगर नरेन्द्र सिंह, एसआई सोहन सिंह, एएसआई प्रवीण राठौर, रघुवंश सिंह, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र एक्का, संतोषी वर्मा, आरक्षक विकास मिश्रा, दिलपाल कसेरा, श्याम सिंह, नीरज सिंह, जयदेव भारती, नीरज झा, रवि राजवाड़े व महिला आरक्षक चन्द्रा सिंह सक्रिय रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।